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क्या PoK में 9 जून को कुछ बड़ा होने वाला है? पाकिस्तान के खिलाफ भड़का है जबरदस्त गुस्सा

 Published : May 13, 2026 08:24 am IST,  Updated : May 13, 2026 08:24 am IST

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने 9 जून को बड़े बंद और आंदोलन का ऐलान किया है। बढ़ती महंगाई, बिजली संकट, राजनीतिक उपेक्षा और प्रशासनिक दमन के खिलाफ पूरे इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है।

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट होता रहता है। Image Source : AP FILE

मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी कि JAAC ने 9 जून को पूरे PoK में बंद और बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। समिति ने चेतावनी दी है कि अगर 31 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो पूरे क्षेत्र में चक्का जाम, बाजार बंद और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। JAAC नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार लगातार PoK की जनता से किए गए वादों को तोड़ रही है।

'सरकार बातचीत के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रही'

JAAC नेताओं ने कहा कि संवैधानिक और चुनावी सुधारों को लेकर पाकिस्तान की सरकार ने कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समिति का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बातचीत के नाम पर केवल समय बर्बाद कर रही है ताकि आंदोलन को कमजोर किया जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान प्रशासन अब कमेटी पर आंदोलन वापस लेने का दबाव बना रहा है, क्योंकि उसे डर है कि यह विरोध एक बड़े जनांदोलन में तब्दील हो सकता है।

'9 जून को बड़े बंद और लॉन्ग मार्च की तैयारी की जा रही'

मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि मुजफ्फराबाद में JAAC नेताओं और पाकिस्तान समर्थित प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। मिर्जा ने कहा, 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं के साथ हुई बैठक पूरी तरह असफल रही। यह पहली बार नहीं है। पिछले 2 सालों से पाकिस्तान समर्थित प्रशासन लगातार बातचीत के नाम पर समिति को बुलाता रहा है और उनका समय बर्बाद करता रहा है। अब समिति के नेताओं ने तय कर लिया है कि बहुत हो चुका। 9 जून को बड़े बंद और लॉन्ग मार्च की तैयारी की जा रही है।'

'आम लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं'

मिर्जा ने आगे कहा, 'यह आंदोलन आखिरकार कितना बड़ा होगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन पूरे PoK में लोगों में भारी गुस्सा है।' PoK में बढ़ती महंगाई, लंबे बिजली कटौती और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। मिर्जा ने आरोप लगाया कि आम लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'क्षेत्र में बिजली का गंभीर संकट है और लंबे समय तक लोड शेडिंग की जा रही है। स्कूलों की फीस में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले गैस सिलेंडर की कीमत 2.5 हजार रुपये के आसपास थी, जो अब करीब 6 हजार रुपये तक पहुंच गई है।'

'12 प्रवासी सीटों को लेकर भी अब तक कोई फैसला नहीं'

मिर्जा ने कहा, '12 प्रवासी सीटों को लेकर भी अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का मानना है कि इन सीटों को खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि इनमें से कई प्रतिनिधि PoK में रहते तक नहीं हैं और सिर्फ चुनाव के समय अपने नाम आगे कर देते हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि PoK में पहले हुए आंदोलनों का जवाब प्रशासन ने हिंसा और दमन से दिया। उन्होंने कहा, 'PoK के लोगों ने 2 बड़े आम हड़ताल आंदोलन किए, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ गोलियां मिलीं। लोगों को केवल लाशें मिलीं।'

आंदोलन को दबाने की कोशिश कर सकती है सरकार

पाकिस्तान की सरकारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मिर्जा ने कहा, 'पाकिस्तान और PoK की सरकारें लगातार प्रधानमंत्री बदलती रहती हैं, लेकिन जनता की असली समस्याओं से बचती रहती हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में PoK में गंभीर अशांति देखने को मिल सकती है।' PoK में बढ़ते जनाक्रोश और पाकिस्तान प्रशासन पर दमन के आरोपों के बीच आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बड़ा टकराव होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सरकार जनांदोलन को दबाने की पूरी कोशिश करेगी।

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